रायपुर। सुदूर ग्रामीण अंचलों में शासन और प्रशासन को आमजन के और करीब लाने की पहल “सुशासन तिहार 2026” के तहत बुधवार को सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के हमीरगढ़, जैमेर और पेरमारास गांव में जनसरोकारों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। यहां प्रशासनिक अमला केवल शिविरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों के बीच बैठा और उनकी समस्याएं सुनीं।

सुशासन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और हितग्राही पहुंचे। शिविरों का निरीक्षण कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का विभागीय समन्वय के साथ त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर और बिना परेशानी के मिल सके।

जैमेर और पेरमारास में उस समय एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और अन्य अधिकारी पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ चौपाल में बैठ गए। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए, वहीं अधिकारियों ने भी आत्मीय संवाद के जरिए योजनाओं की जमीनी स्थिति समझने का प्रयास किया।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन वितरण, आंगनबाड़ी सेवाएं, एग्रीस्टेक पंजीयन, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और बोनस भुगतान जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार अधिकारी गांव में बैठकर सीधे उनकी बातें सुन रहे हैं। शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड तथा जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण जैसे कार्यों का मौके पर त्वरित निराकरण किया गया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की गई। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीणों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना है।
