मुंबई। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने एक बार फिर सर्राफा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों ने नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव मजबूती के साथ 1,52,732 रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी ने ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए 2.60 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है; कॉमेक्स (Comex) पर सोना 4,725 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुँच गया है, जो निवेशकों के बीच बढ़ते डर और अनिश्चितता को दर्शाता है।
कीमतों में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह खाड़ी देशों में छिड़ा सैन्य तनाव है। जैसे-जैसे अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और सीमा पर सक्रियता बढ़ी है, निवेशकों ने शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले सोने में लगाना शुरू कर दिया है। इसी का नतीजा है कि जहाँ एक ओर सर्राफा बाजार चमक रहा है, वहीं भारतीय शेयर बाजार में मातम पसरा है। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही गिरावट के साथ खुले, जिसमें निवेशकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर शांति वार्ता की खबरें भी आ रही हैं और एक अस्थायी समझौते की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन जब तक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बने रहने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक एनर्जी संकट और युद्ध के डर ने धातु बाजार को एक नई तेजी की ओर धकेल दिया है, जिससे आने वाले दिनों में आम खरीदारों की जेब पर और बोझ बढ़ सकता है।
