मुंबई। अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना सुधा चंद्रन ने हाल ही में मुंबई स्थित प्रेमानंद महाराज आश्रम का दौरा किया और वहां अपने जीवन के कठिन दौर और उन्हें पार पाने में ईश्वर के विश्वास की भूमिका के बारे में साझा किया। सुधा ने बताया कि कई साल पहले हुई सड़क दुर्घटना में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया था। उन्होंने कहा, “दुर्घटना के बाद मैं संभल पाई, सिर्फ ईश्वर के अटूट विश्वास की वजह से। प्रेमानंद महाराज जी भी यही कहते हैं कि हमेशा नाम जपते रहो। ईश्वर में विश्वास हर मुश्किल को पार करने में मदद करता है।” सुधा ने आगे कहा कि जब इंसान का ईश्वर में विश्वास मजबूत होता है, तो दर्द तो रहता है, लेकिन ध्यान उससे हटकर जीवन की बड़ी चीजों पर चला जाता है। “मुश्किलें तो आती रहती हैं, लेकिन भक्ति और समर्पण के आगे वे दर्द बहुत छोटे लगने लगते हैं। मेरा विश्वास, मेरी मेहनत और खुद पर भरोसा ही मुझे आगे बढ़ाते हैं।” कृत्रिम पैर (प्रोस्थेटिक लिंब) की मदद से सुधा ने अपनी जिंदगी और करियर को फिर से संभाला। वे पिछले 40 सालों से बॉलीवुड, टीवी और शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। टीवी शो कहीं किसी रोज में उनका ‘रमोना सिकंद’ का किरदार आज भी लोगों को याद है।
सुधा चंद्रन ने प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात: बोलीं, ‘अटूट विश्वास ने मेरी जिंदगी बदल दी’
