रायपुर। जल जीवन मिशन, जिसे हर घर जल के रूप में भी जाना जाता है, भारत सरकार का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत के हर घर में व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल योजना अब केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं रह गई है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में यह योजना ग्रामीण सशक्तिकरण और सामूहिक जिम्मेदारी का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है। ग्रामीण अब जल उपभोक्ता मात्र नहीं, बल्कि जल प्रणालियों के संरक्षक और प्रबंधक बन गए हैं।
जनभागीदारी से जल कर की बड़ी उपलब्धि:
योजना की सफलता का सबसे बड़ा आधार ग्रामीण परिवारों की स्वैच्छिक सहभागिता है। जिले में प्रशासनिक प्रयासों और ग्रामीणों के उत्साह का ही परिणाम है कि अब तक 22 लाख 57 हजार रुपये की जल कर (Water Tax) राशि संकलित की जा चुकी है। यह राशि न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि जल व्यवस्था के प्रति ग्रामीणों की जवाबदेही का प्रमाण भी है।

बुनियादी ढांचे का हो रहा सुदृढ़ीकरण:
संकलित जल कर का उपयोग पूरी तरह से ग्रामीण जल प्रणालियों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार इस राशि से पाइपलाइन और नलों में आई तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जा रहा है। जल आपूर्ति प्रणाली का नियमित रखरखाव ताकि पानी की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे, इसके साथ ही भू-जल संवर्धन और जल संरक्षण के दीर्घकालिक कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।
ग्राम सभाओं में सजगता:
जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को पारदर्शी और टिकाऊ बनाने के लिए ग्राम सभाओं को मंच बनाया है। हाल ही में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में जल कर के उपयोग और जल संरक्षण पर व्यापक चर्चा की गई। ग्रामीणों ने न केवल कर का भुगतान किया है, बल्कि गांव की जल संपत्ति की रक्षा का संकल्प भी लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीणों की यही सक्रियता भविष्य में जल संकट से निपटने और जल स्वावलंबन के लक्ष्य को प्राप्त करने में निर्णायक साबित होगी।
