बीजापुर। बस्तर के बीजापुर जिले के गंगालूर और बासागुड़ा क्षेत्र में तीखुर की पैदावार स्थानीय ग्रामीणों के लिए आय का मुख्य स्रोत बन गई है। गर्मी के मौसम में अपनी शीतलता और औषधीय गुणों के कारण इसकी मांग चरम पर रहती है, जिसके चलते साप्ताहिक बाजारों में यह 400 रुपये प्रति पैयली तक के भाव पर बिक रहा है। व्यापारियों के अनुसार, सीजन के दौरान अकेले इन दो बड़े बाजारों से लगभग 100 क्विंटल तक सूखे तीखुर की खरीदी की जाती है।

शासन और वन विभाग भी इस दिशा में सक्रिय हैं और समर्थन मूल्य पर इसकी खरीदी कर रहे हैं, ताकि बिचौलियों से बचा जा सके। पिछले वर्ष बीजापुर वनमंडल में 5.47 क्विंटल की सरकारी खरीदी दर्ज की गई थी। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि, यदि तीखुर की व्यवस्थित खेती को बढ़ावा दिया जाए, तो यह कंदीय फसल जिले की अर्थव्यवस्था का आधार बन सकती है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण तीखुर न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि बीजापुर को प्रदेश में तीखुर उत्पादन के एक बड़े केंद्र के रूप में भी स्थापित कर रहा है।

