खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ एक बार फिर कथित अनियमितताओं और घोटाले के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। विकास कार्यों के नाम पर भुगतान, खरीदी और योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ियों के आरोपों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है। विवाद का केंद्र सरकार की पौनी पसारी योजना बनी हुई है। आरोप है कि, पिपरिया वार्ड के लिए स्वीकृत बाजार निर्माण का काम प्रस्तावित स्थल के बजाय इतवारी बाजार में कर दिया गया। दस्तावेजों में निर्माण स्थल पिपरिया दर्ज होने के बावजूद कथित तौर पर बिना सक्षम अनुमति स्थल परिवर्तन कर निर्माण और भुगतान पूरा कर दिया गया। इससे योजना के मूल लाभार्थियों को सुविधा नहीं मिल सकी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि, पिपरिया क्षेत्र के व्यापारी अब भी सड़क किनारे कारोबार करने को मजबूर हैं। इस मामले ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच करीब 36 लाख रुपये की कंपोस्ट मशीन खरीदी भी विवादों में है। आरोप है कि, मशीन खरीदे जाने के बाद भी उपयोग में नहीं आई, जबकि मरम्मत और रखरखाव के नाम पर भुगतान किए जाने की चर्चा है। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की भूमिका पर नजरें टिकी हैं।
