बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर से सांसद भोजराज नाग को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद सांसद भोजराज नाग की जीत पर फिलहाल कानूनी मुहर लग गई है। यह याचिका पूर्व प्रत्याशी बीरेश ठाकुर की ओर से दायर की गई थी, जिसमें ईवीएम में कथित गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मशीन नंबर और फॉर्म 17सी के बीच अंतर का मुद्दा उठाया था।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, सिर्फ आरोपों के आधार पर ईवीएम की दोबारा जांच या सत्यापन के आदेश नहीं दिए जा सकते। अदालत ने कहा कि, ऐसी कार्रवाई के लिए प्रथम दृष्टया मौखिक या दस्तावेजी सबूत रिकॉर्ड पर होना जरूरी है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को राहत भी दी है। अदालत ने कहा कि, यदि भविष्य में गिनती में गड़बड़ी या अनियमितता के समर्थन में ठोस सबूत पेश किए जाते हैं, तो नई अर्जी दाखिल की जा सकती है। इस फैसले को भोजराज नाग के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस निर्णय की चर्चा तेज है। फिलहाल अदालत के इस आदेश के बाद कांकेर संसदीय सीट से जुड़े विवाद पर विराम लगता नजर आ रहा है, हालांकि आगे नए सबूतों के आधार पर मामला फिर उठ सकता है।
