मुंबई। हाल ही में एक डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ का ट्रेलर सामने आया था। रिलीज से पहले ही यह डॉक्यूसीरीज विवादों में फंस गई है। कई लोगों ने इसके बैन की भी मांग की थी। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। वहीं सीरीज के रिलीज को लेकर सोमवार को जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि इस मामले में अब कुछ बचा नहीं है, क्योंकि केंद्र सरकार पहले ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 को इस डॉक्यूसीरीज को रिलीज न करने की सलाह दे चुकी है। आपको बता दें की कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) की तरफ से जारी एडवाइजरी को रद्द नहीं किया जाता, तब तक मेकर्स इस सीरीज को रिलीज नहीं कर सकते। वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने आशंका जताई कि मेकर्स नाम बदलकर या किसी और तरीके से इसे रिलीज कर सकते हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो उस समय आप दोबारा कानूनी कदम उठा सकते हैं। वहीं जी5 की तरफ से पेश वकील ने बताया कि वे 23 और 24 अप्रैल को जारी केंद्र सरकार की तीनों एडवाइजरी को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में उठाया जाएगा, क्योंकि यह पंजाब पुलिस की रिपोर्ट पर आधारित है। इस डॉक्यूसीरीज के मेकर्स का कहना है कि ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ एक केस स्टडी की तरह बनाई गई है, जिसमें छात्र राजनीति, म्यूजिक, विचारधारा और मीडिया के नजरिए से एक क्रिमिनल की कहानी को दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि यह डॉक्यूमेंट्री गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उसके आपराधिक सफर को दिखाती है। कहा जा रहा है कि इस सीरीज में हाई-प्रोफाइल अपराधों के नाटकीय चित्रण और असल जिंदगी के संदर्भ शामिल हैं। इसमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या और अन्य हिंसक घटनाएं भी शामिल हैं।
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज पर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: जानें क्या अब स्ट्रीम होगी यह डॉक्यू-सीरीज
