जनगणना 2027: नागरिकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय, डिजिटल प्रक्रिया से होगी संकलन

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सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शुक्रवार संध्या को जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर अहम जानकारी साझा की। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना में नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेगी तथा इसका उपयोग केवल विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगा। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत नागरिकों की जानकारी किसी भी पुलिस जांच, आयकर या अन्य कार्यवाही में उपयोग नहीं की जा सकती। डॉ. कन्नौजे ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण मकान सूचीकरण का होगा, जो 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसमें घर की स्थिति, पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी। मुख्य जनगणना फरवरी 2027 से मार्च 2027 तक होगी, जिसमें नागरिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आंकलन किया जाएगा। नागरिक 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म वेबसाइट (se.census.gov.in) पर भर सकते हैं। इसके बाद उन्हें विशेष आईडी मिलेगी, जिसे प्रगणक के घर पहुंचने पर दिखाने से प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी। स्मार्टफोन और विशेष मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाएगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों का डेटा भी रियल-टाइम में संग्रहित होगा। प्रेस वार्ता में उप निर्वाचन अधिकारी उमेश साहू, यशवंत सिंह ठाकुर, भरत अग्रवाल, दीपक थवाईत सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।