पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले सूबे का सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक सनसनीखेज दावा किया है। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि, अमित शाह ने एक गोपनीय बैठक बुलाई है, जिसमें सीबीआई, ईडी और एनआईए के प्रमुख शामिल होंगे। टीएमसी का कहना है कि, अगले पांच दिनों में दक्षिण बंगाल के कोलकाता, हावड़ा और हुगली जैसे इलाकों में बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए ‘कुछ बड़ा’ करने की साजिश रच रही है।
अमित शाह 27 अप्रैल तक कोलकाता में ही रहेंगे और चुनाव की जमीनी तैयारियों की कमान संभालेंगे। मंगलवार रात उन्होंने करीब 4 घंटे तक मैराथन बैठक की, जिसमें चुनावी कमियों और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बीजेपी का दावा है कि, बंगाल में इस बार सत्ता परिवर्तन निश्चित है, जबकि टीएमसी इसे ममता बनर्जी के खिलाफ केंद्र की सोची-समझी घेराबंदी बता रही है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को निर्धारित है। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। टीएमसी का आरोप है कि, जिन क्षेत्रों में भाजपा कमजोर है, वहां विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का सहारा लिया जा सकता है। एक तरफ जहां भारी-भरकम केंद्रीय मंत्रियों की फौज है, वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी अकेले मोर्चा संभाले हुए हैं। बंगाल की इस चुनावी जंग में अब ‘एजेंसियों’ की एंट्री ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
