22 अप्रैल के ट्रेडिंग सत्र में भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया। BSE Sensex करीब 700 अंकों (लगभग 0.95%) की गिरावट के साथ 78,500 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि Nifty 50 भी 200 अंकों (0.79%) की कमजोरी के साथ 24,400 के स्तर से नीचे आ गया। आज की गिरावट में सबसे ज्यादा असर IT सेक्टर पर देखने को मिला, जहां निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। वैश्विक संकेत भी बाजार के लिए कमजोर रहे। एशियाई बाजारों में हैंग सेंग सूचकांक में 1% से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि KOSPI हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। हालांकि Nikkei 225 में मामूली बढ़त दर्ज की गई, लेकिन इसका घरेलू बाजार पर खास असर नहीं पड़ा।
अमेरिकी बाजारों से भी नकारात्मक संकेत मिले। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक कंपोजिट और एस एंड पी 500 तीनों इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ी। बीते दो दिनों में उन्होंने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार की हालिया तेजी पर ब्रेक लग गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक दबाव, IT शेयरों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते बाजार में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
