नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF (Public Provident Fund)) भारत की सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है। इसमें लोग छोटी-छोटी बचत करके लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। खास बात यह है कि, इस स्कीम में नाबालिग बच्चों के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है। माता-पिता अपने बच्चों के लिए PPF अकाउंट पोस्ट ऑफिस या किसी अधिकृत बैंक शाखा में जाकर खोल सकते हैं। कुछ बैंकों में यह सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके लिए आधार कार्ड, पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे सामान्य दस्तावेजों की जरूरत होती है। नाबालिग होने की स्थिति में अकाउंट का संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा किया जाता है। बच्चा 18 वर्ष का होने के बाद स्वयं अकाउंट संभाल सकता है।

इस खाते में मौजूदा ब्याज दर के अनुसार रिटर्न मिलता है, और निवेश की प्रक्रिया भी सामान्य PPF अकाउंट जैसी ही होती है। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम निवेश सीमा तय होती है, और माता-पिता मिलकर कुल सीमा से अधिक राशि जमा नहीं कर सकते। इसमें जमा राशि को लंबे समय तक सुरक्षित निवेश माना जाता है, और उस पर मिलने वाला ब्याज सीधे खाते में जुड़ता है। हालांकि टैक्स नियमों के अनुसार कुछ परिस्थितियों में ब्याज की आय माता-पिता की टैक्सेबल इनकम में शामिल हो सकती है। यह योजना बच्चों के भविष्य के लिए एक सुरक्षित और अनुशासित बचत विकल्प मानी जाती है।
