भारत बनेगा चिप हब? सिंगापुर के साथ मिलकर बढ़ेगा सेमीकंडक्टर सेक्टर

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नई दिल्ली। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत और सिंगापुर के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस उद्देश्य से इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (India Cellular and Electronics Association) और सिंगापुर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन (Singapore Semiconductor Industry Association) ने मिलकर सिंगापुर में एक उच्च स्तरीय उद्योग बैठक आयोजित की। बैठक में दोनों देशों के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

इस बैठक में दोनों देशों की मजबूत क्षमताओं को एक-दूसरे का पूरक बताया गया। सिंगापुर जहां उन्नत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक सप्लाई चेन में अग्रणी है, वहीं भारत अपनी विशाल बाजार क्षमता, तेज़ी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर और नीतिगत समर्थन के कारण एक उभरते हुए वैश्विक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। यह सहयोग हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद आगे बढ़ा है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना है। बैठक में निवेश, तकनीकी साझेदारी, संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

विशेष रूप से फैब्रिकेशन, उपकरण निर्माण, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और सामग्री विकास जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों की पहचान की गई। साथ ही दोनों देशों के बीच एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर कॉरिडोर विकसित करने पर भी जोर दिया गया। उद्योग विशेषज्ञों ने कौशल विकास, नीति समर्थन और इकोसिस्टम तैयार करने की जरूरत पर भी सहमति जताई। अधिकारियों का कहना है कि, यह साझेदारी भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।