बड़ा संदेश: घटनाओं के बाद पुलिस की पहल, युवाओं के लिए करियर कैंप आयोजित

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ग़रियाबंद। जिले के देवभोग थाना क्षेत्र में पिछले 15 दिनों के भीतर तीन युवाओं द्वारा आत्महत्या की दुखद घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। इस नकारात्मक माहौल को बदलने और युवाओं के भीतर जीवन के प्रति सकारात्मकता भरने के लिए प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने एक अनोखी पहल की है। उन्होंने देवभोग थाना कैंपस में एक ‘करियर गाइडेंस कैंप’ का आयोजन किया, जिसमें 100 से अधिक ग्रामीण युवा शामिल हुए। इस कैंप की सबसे खास बात यह रही कि, एसपी ने किसी किताबी ज्ञान के बजाय अपनी खुद की संघर्ष गाथा से युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि, इंटर की पढ़ाई में मात्र 44 प्रतिशत अंक लाने के बावजूद, समाज की नजरों में असफल होने के बाद भी, उन्होंने हार नहीं मानी। अपने पिता के आदर्शों और दृढ़ संकल्प के साथ कड़ी मेहनत की और पहले ही प्रयास में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर पुलिस अफसर बने।

संवाद के दौरान प्रभारी एसपी ने युवाओं को जीवन का सबसे बड़ा मंत्र देते हुए कहा कि, सफलता का असली पैमाना संचित संपत्ति नहीं, बल्कि मन की ‘संतुष्टि’ है। उन्होंने आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती ‘मोबाइल’ को लेकर युवाओं को आगाह किया और सलाह दी कि मुश्किल घड़ी में मोबाइल के एकांत में खोने के बजाय अपने परिवार को सहारा बनाएं और उनसे दिल की बात साझा करें। हाल ही में हुई आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि, लक्ष्यहीनता और मोबाइल में अत्यधिक व्यस्तता इन घटनाओं का एक बड़ा कारण रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और ग्रुप स्टडी, सही डाइट व स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की।

युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिए प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने मंच से एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि, जो भी युवा रायपुर में पीएससी की कोचिंग करना चाहता है, उसे वे अपने व्यक्तिगत प्रयासों से ‘निशुल्क’ कोचिंग दिलाने की जिम्मेदारी लेंगे। साथ ही उन्होंने थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि, पुलिस भर्ती के इच्छुक स्थानीय युवाओं को फिजिकल और लिखित परीक्षा की तैयारी में पूरा सहयोग प्रदान करें। इस आयोजन ने न केवल युवाओं को करियर के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें जीवन के कठिन समय में धैर्य न खोने का साहस भी दिया।