सोल/ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung रविवार को भारत दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। अपने इस एशिया दौरे के दौरान वे भारत के बाद वियतनाम भी जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य फोकस वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करना और रणनीतिक सहयोग बढ़ाना है। राष्ट्रपति ली सोमवार को नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल जी7 और जी20 सम्मेलनों के दौरान हुई मुलाकातों के बाद यह दोनों नेताओं की तीसरी आमने-सामने बैठक होगी। इस बैठक में खास तौर पर शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम सेक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। साथ ही मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में आई अनिश्चितताओं पर भी दोनों देश मिलकर रणनीति बना सकते हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक ने संकेत दिया है कि यह यात्रा आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने में अहम साबित हो सकती है। राष्ट्रपति ली भारत में मौजूद कोरियाई कंपनियों के संचालन को समर्थन देने और नए निवेश के अवसर तलाशने के लिए एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा ले सकते हैं। भारत पहले से ही कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र और बड़ा बाजार बन चुका है। ऐसे में यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत कर सकती है। भारत दौरे के बाद राष्ट्रपति ली मंगलवार को Hanoi (वियतनाम) के लिए रवाना होंगे। यहां वे वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam के साथ मुलाकात करेंगे। इस बैठक में ऊर्जा सप्लाई चेन और जरूरी खनिज संसाधनों पर सहयोग मुख्य मुद्दा रहेगा। यह राष्ट्रपति ली का वियतनाम का पहला आधिकारिक दौरा होगा। खास बात यह है कि नई सरकार के गठन के बाद किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का यह पहला दौरा माना जा रहा है। अपने वियतनाम दौरे के दौरान ली, प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग और नेशनल असेंबली के चेयरमैन ट्रान थान मान से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वे एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेकर दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर जोर देंगे। कुल मिलाकर, यह दौरा दक्षिण कोरिया की कूटनीतिक पहुंच को मजबूत करने और तेजी से बढ़ती एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत दौरे पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति, पीएम मोदी के साथ रणनीतिक मुद्दों पर होगी अहम वार्ता
