किस देश के पास सबसे ज्यादा डॉलर का खजाना? जानिए भारत कितने नंबर पर है?

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विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) किसी भी देश की आर्थिक ताकत का अहम पैमाना माना जाता है। यह भंडार सेंट्रल बैंक के पास जमा विदेशी मुद्राओं-जैसे अमेरिकी डॉलर, यूरो, येन-के साथ-साथ सोना और अन्य वित्तीय संपत्तियों का मिश्रण होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए “सुरक्षा कवच” जैसा काम करता है। जब किसी देश की मुद्रा कमजोर होने लगती है, तो सेंट्रल बैंक इन भंडारों का इस्तेमाल करके स्थिति को संभालता है। उदाहरण के तौर पर, भारत में जब रुपया दबाव में आता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर करने की कोशिश करता है। अगर किसी देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार नहीं हो, तो वहां महंगाई और आर्थिक अस्थिरता बढ़ने का खतरा रहता है।

अब बात करें दुनिया के सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की, तो इस सूची में चीन सबसे ऊपर है। चीन के पास करीब 3.64 ट्रिलियन डॉलर का विशाल भंडार है, जो उसकी मजबूत निर्यात अर्थव्यवस्था का परिणाम है। दूसरे स्थान पर जापान है, जिसके पास लगभग 1.39 ट्रिलियन डॉलर का भंडार है। इसके बाद स्विट्जरलैंड, रूस और भारत का नंबर आता है। भारत इस सूची में पांचवें स्थान पर है, जिसके पास लगभग 688 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। पिछले कुछ वर्षों में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हुई है, जो आर्थिक स्थिरता का संकेत देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार न केवल आर्थिक संकट से बचाव करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर देश की साख भी बढ़ाता है।