नई दिल्ली। हिमालय की बर्फीली वादियों के बीच विराजमान बाबा बर्फानी के दर्शन का सपना देखने वाले शिवभक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जी हां, दुर्गम चोटियों में स्थित भगवान शिव के इस पवित्र दरबार में हाजिरी लगाने का समय अब करीब आ गया है। जैसा की आप सब जानते है गर्मियों का मौसम आते ही शिवभक्तों को बाबा बर्फानी के दरबार में हाजिरी लगाने का बेसब्री से इंतजार रहता है। अगर आप भी 2026 में अमरनाथ यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं, तो अपनी तैयारियां अभी से तेज कर दीजिए। आगामी यात्रा के लिए 15 अप्रैल से एडवांस बुकिंग शुरू होने जा रही है। चूंकि रजिस्ट्रेशन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर होंगे, इसलिए बुकिंग में देरी करना भारी पड़ सकता है। आपको बता दें की दक्षिण कश्मीर की बर्फीली वादियों में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा हिंदुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। गर्मियों में 30 से 40 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में हजारों लोग हिस्सा लेते हैं। गुफा के अंदर भगवान शिव बर्फ के प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।

वहीं मान्यता है यह भी है कि यह पवित्र शिवलिंग चंद्रमा के आकार घटने-बढ़ने के साथ ही अपना स्वरूप बदलता है। श्रद्धालु बाबा तक पहुंचने के लिए दो रास्तों का इस्तेमाल करते हैं- पहला पहलगाम (गुफा से 46 किमी दूर) और दूसरा बालटाल (गुफा से 14 किमी दूर)। यात्रा के परमिट ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे और हर रूट के लिए रोजाना का एक फिक्स कोटा निर्धारित किया गया है। आप अपना रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से या फिर देश भर में चुनी गई 554 बैंक शाखाओं में जाकर करवा सकते हैं। बुकिंग के लिए आधार कार्ड से बायोमेट्रिक पहचान होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आपको सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। जहां केवल 13 साल से लेकर 70 साल तक के श्रद्धालु ही बाबा के दर्शन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सुरक्षा के लिहाज से, 6 हफ्ते से ज्यादा की गर्भवती महिलाओं को इस यात्रा में शामिल होने की मनाही है।
RFID कार्ड है जरूरी: जम्मू-कश्मीर पहुंचने के बाद तय किए गए सेंटर्स से अपना RFID कार्ड जरूर प्राप्त करें। इसे लेते वक्त अपना आधार कार्ड साथ रखें। सुरक्षा के लिए पूरी यात्रा के दौरान इस कार्ड को अपने गले में पहनकर रखना अनिवार्य है।
पहचान पत्र और इमरजेंसी पर्ची: अपना आईडी प्रूफ जैसे ड्राइविंग लाइसेंस और यात्रा परमिट हमेशा पास रखें। इसके अलावा, एक पर्ची पर अपने साथ उसी दिन दर्शन के लिए जा रहे किसी साथी यात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखकर अपनी जेब में रखें ताकि आपातकाल में काम आ सके।
मौसम की तैयारी: पहाड़ों पर मौसम का कोई भरोसा नहीं होता और पारा अचानक 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क सकता है। इसलिए पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट, विंडचीटर, छाता और वाटरप्रूफ जूते जरूर ले जाएं। अपने कपड़ों और खाने के सामान को भी वाटरप्रूफ बैग में ही पैक करें।
