सरगुजा। उत्तर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में करीब 15 साल पुराने फर्नीचर खरीदी घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मामले में महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में ACB ने ओड़गी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को पत्र जारी कर उन स्कूलों के प्रधान पाठकों को पुराने रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, जहां वर्ष 2010-11 में फर्नीचर की सप्लाई की गई थी। ACB की इस कार्रवाई के बाद जिले में एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसी ने ओड़गी ब्लॉक के आठ स्कूलों के हेडमास्टरों को मूल स्टॉक रजिस्टर, फर्नीचर प्राप्ति की पावती और संबंधित दस्तावेजों के साथ ACB कार्यालय अंबिकापुर में उपस्थित होने के लिए कहा है।
एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर के उप पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार खेस ने ओड़गी बीईओ को पत्र जारी किया है। पत्र में बताया गया है कि मामले की विवेचना धारा 13(1)डी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 तथा धारा 420, 120(बी) भारतीय दंड संहिता के तहत की जा रही है। इस प्रकरण में एसपी पाण्डेय सहित अन्य लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। ACB ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2010-11 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन (सर्व शिक्षा अभियान), अंबिकापुर की कार्ययोजना के तहत माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर खरीदी के लिए लगभग 2.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। इसके बाद जिला कार्यालय द्वारा CSIDC दरों के आधार पर फर्नीचर खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, जिला कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन के आदेश के बाद विकासखंड ओड़गी के विभिन्न विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के लिए श्री श्याम इंडस्ट्री, सूरजपुर को सप्लाई का आदेश दिया गया था। लेकिन विवेचना के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कुछ फर्मों द्वारा निर्धारित विद्यालयों में फर्नीचर की आपूर्ति नहीं की गई या फिर आपूर्ति को लेकर दस्तावेजों में अंतर पाया गया। ACB अब यह जांच करना चाह रही है कि जिन स्कूलों में फर्नीचर पहुंचाया गया था, वहां वास्तव में कितनी मात्रा में सामग्री मिली थी और उसे स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया गया था या नहीं। इसके लिए स्कूलों के पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
ACB ने निर्देश दिया है कि संबंधित विद्यालयों के प्रधान पाठक वर्ष 2010-11 के बाद से संधारित मूल स्टॉक रजिस्टर और फर्म द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्नीचर की प्राप्ति संबंधी मूल पावती दस्तावेज कार्यालय की सील के साथ लेकर उपस्थित हों। जांच एजेंसी ने मामले को गंभीर बताते हुए ओड़गी बीईओ को जल्द से जल्द संबंधित प्रधान पाठकों को निर्देश जारी करने कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तारीख 4 अगस्त 2026 को ACB कार्यालय अंबिकापुर में दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।
इन स्कूलों के प्रधान पाठकों को बुलाया गया ACB ने ओड़गी विकासखंड के जिन स्कूलों के प्रधान पाठकों को तलब किया है, उनमें शामिल हैं: माध्यमिक शाला पठारीटोला माध्यमिक शाला बेगारीडांड माध्यमिक शाला सहपा माध्यमिक शाला कुबेरपुर माध्यमिक शाला पश्चिमपारा माध्यमिक शाला नवाटोला माध्यमिक शाला धरसेड़ी माध्यमिक शाला टोमो माध्यमिक शाला दवनसरा ACB की इस कार्रवाई से अब यह साफ है कि जांच एजेंसी पुराने दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि फर्नीचर खरीदी और सप्लाई प्रक्रिया में कहां-कहां अनियमितता हुई।
जांच के दौरान यदि दस्तावेजों में गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल ACB दस्तावेजों के परीक्षण और संबंधित लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। 15 साल पुराने इस मामले में अब जांच किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
