कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के दिनों में एक ऐसी चर्चा तेजी से फैल रही थी, जिसमें दावा किया जा रहा था कि ममता बनर्जी ने बहरामपुर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद यूसुफ पठान को इस्तीफा देने के लिए कहा है, ताकि वह स्वयं इस सीट से चुनाव लड़ सकें। इस खबर के सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में वायरल होने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान सांसद यूसुफ पठान ने खुद सामने आकर इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। गुजरात के वडोदरा में रहने वाले यूसुफ पठान ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं।
यूसुफ पठान ने अपने वीडियो में कहा कि पिछले कुछ दिनों से एक खबर लगातार वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे बहरामपुर लोकसभा सीट खाली करने और सांसद पद से इस्तीफा देने के लिए कहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी ने कभी उनसे ऐसी कोई बात नहीं की और न ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने इस संबंध में कोई निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। यूसुफ पठान ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
टीएमसी सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं और बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के विकास तथा जनता की सेवा के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली खबरों के तेजी से फैलने के कारण इस तरह की अफवाहें जन्म लेती हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। यूसुफ पठान के बयान के बाद अब इस मामले पर काफी हद तक स्थिति स्पष्ट हो गई है।
गौरतलब है कि यूसुफ पठान ने लोकसभा चुनाव में बहरामपुर सीट से जीत दर्ज कर राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई थी। क्रिकेट के मैदान से राजनीति तक का उनका सफर काफी चर्चा में रहा है। अब उनके इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि न तो उन्होंने इस्तीफा दिया है और न ही पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें सीट छोड़ने के लिए कहा गया है। ऐसे में ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने के लिए बहरामपुर सीट खाली कराने की चर्चाओं पर फिलहाल पूर्ण विराम लग गया है।
