विधानसभा में ब्लैकलिस्टेड दवा को लेकर घमासान, विपक्ष के सवालों पर सरकार ने दी सफाई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में ब्लैकलिस्टेड दवाइयों की सप्लाई को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने गुजरात में प्रतिबंधित दवा कंपनी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि, मरीजों को गुणवत्ता जांच के बिना दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। विधायक ने सवाल किया कि, गुजरात में जिस कंपनी की दवा गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी, उससे जुड़ी जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ में कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने दवा खरीदी प्रक्रिया, जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सवाल उठाए।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ में खरीदी गई दवा गुजरात में प्रतिबंधित दवा से अलग थी। उन्होंने बताया कि, गुजरात मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन ने एस्पिरिन की कुछ विशेष दवाओं को गुणवत्ता मानकों में विफल पाए जाने के बाद ब्लैकलिस्ट किया था। मंत्री ने कहा कि, जानकारी मिलने के बाद जनहित और सावधानी को ध्यान में रखते हुए संबंधित दवा के क्रय आदेश और दर अनुबंध को रद्द कर दिया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, छत्तीसगढ़ में खरीदी गई एस्पिरिन टैबलेट इंडियन फार्माकोपिया 2022 के मानकों के अनुसार अलग श्रेणी की थी। मामले को लेकर विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।.