वासिंगटन। ईरान के साथ जारी भारी तनाव और शांति वार्ता की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी टैरिफ में भारी कटौती का ऐलान करते हुए इसे 25% से घटाकर सीधे 15% कर दिया है। यह बड़ी राहत कृषि (Agriculture) और औद्योगिक उपकरणों (Industrial Equipment) पर दी गई है, जो दिसंबर 2027 तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, निवेश बढ़ाना और हार्वेस्टर या कंबाइन जैसी खेती की मशीनों की लागत को कम करना है। इसके साथ ही घरेलू स्टील और एल्युमीनियम की मांग बढ़ाने के लिए ट्रंप ने एक और दांव खेला है—यदि विदेशी निर्माता अपनी मशीनों में 85% अमेरिकी धातुओं का उपयोग करते हैं, तो उन्हें महज 10% टैरिफ ही देना होगा।
इस वैश्विक उलटफेर के बीच भारतीय बाजार और निर्यातकों के लिए एक मायूस करने वाली खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ‘मेहरबान’ फैसले का फायदा भारत को नहीं मिलने वाला है। दरअसल, अमेरिका ने यह टैरिफ कटौती केवल उन चुनिंदा देशों के लिए की है जिनके साथ उसका ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (व्यापार समझौता) लागू है। चूंकि भारत और अमेरिका के बीच अभी तक किसी बड़ी ट्रेड डील पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, इसलिए भारतीय एक्सपोर्टर्स को इस राहत से बाहर रखा गया है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक बाजार में भारत के प्रतिस्पर्धी देशों को बढ़त मिल सकती है, जिससे भारतीय औद्योगिक और कृषि निर्यात पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
