नई दिल्ली। क्रिकेट जगत ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है। वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 28 जुलाई को वह 90 साल के हो जाते। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सोबर्स को श्रद्धांजलि दी है। सर गारफील्ड सोबर्स को सर गैरी सोबर्स कहकर भी बुलाया जाता था।
सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे संपूर्ण खिलाड़ी माना जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग, तीनों विभागों में ऐसा स्तर स्थापित किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है। सोबर्स ने ऐसे दौर में क्रिकेट खेला, जब वेस्टइंडीज विश्व क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती थी। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें खेल के महानतम खिलाड़ियों की सूची में हमेशा के लिए जगह दिलाई।
टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
सर गारफील्ड सोबर्स ने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 160 पारियों में 8,032 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 57.78 रहा, जो उनके दौर के हिसाब से असाधारण माना जाता है।
उन्होंने अपने करियर में 26 शतक, 30 अर्धशतक, 2 दोहरे शतक और एक तिहरा शतक लगाया। उनका सर्वोच्च स्कोर 365 रन* रहा, जो उस समय टेस्ट क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड था और कई वर्षों तक कायम रहा।
गेंद से भी रहे मैच विनर
सोबर्स सिर्फ महान बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि शानदार गेंदबाज भी थे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट लिए। उनका गेंदबाजी औसत 34.04 और इकोनॉमी 2.33 रही। उन्होंने छह बार पारी में पांच विकेट, 8 बार चार विकेट और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6/73 दर्ज की। तेज गेंदबाजी, बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिन और चाइनामैन, तीनों तरह की गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती थी।
वनडे करियर भी रहा खास
सोबर्स ने अपने करियर में सिर्फ एक वनडे मैच खेला। इसमें उन्होंने कोई रन नहीं बनाया, लेकिन एक विकेट जरूर हासिल किया। हालांकि, उनका पूरा करियर टेस्ट क्रिकेट के स्वर्णिम दौर का प्रतीक माना जाता है।
सर गारफील्ड सोबर्स के प्रमुख आंकड़े
रिकॉर्ड आंकड़े
टेस्ट मैच 93
रन 8,032
बल्लेबाजी औसत 57.78
सर्वोच्च स्कोर 365*
शतक 26
अर्धशतक 30
विकेट 235
गेंदबाजी औसत 34.04
सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6/73
पांच विकेट 6 बार
क्रिकेट जगत के लिए अपूरणीय क्षति
सर गारफील्ड सोबर्स को क्रिकेट का पहला महान आधुनिक ऑलराउंडर माना जाता है। उनकी बल्लेबाजी की क्लास, गेंदबाजी की विविधता और मैदान पर चुस्ती ने उन्हें अपने समय का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बनाया। उनके निधन के साथ क्रिकेट ने एक ऐसे महानायक को खो दिया है, जिसकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगी।


