रायपुर। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने छत्तीसगढ़ में जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। रायपुर में आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की बैठक के बाद विक्रांत भूरिया ने दावा किया कि राज्य में जल्द ही कुछ बड़ा होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदिवासियों से उनके सांविधानिक और प्राकृतिक अधिकार छीने जा रहे हैं, जिसके खिलाफ पार्टी अब व्यापक स्तर पर संघर्ष की तैयारी कर रही है। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया बुधवार को रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की अहम बैठक ली।
बैठक में आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दों, संगठन की मजबूती और आने वाले आंदोलन की रणनीति पर लंबी चर्चा हुई। उहोंने ने आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान किया। भूरिया ने बताया कि आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन के हक की इस लड़ाई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह नारा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व और अस्मिता से जुड़ा सवाल है, और इसके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस आखिरी दम तक लड़ेगी।
पार्टी छोड़कर गए लोगों को वापस लाने पर जोर
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी से अलग हो चुके लोगों को वापस जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सभी को साथ लेकर चलना होगा। श्री भूरिया ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपनी पहचान और अधिकारों को लेकर सजग रहें, क्योंकि यदि आदिवासी अपनी पहचान और मुद्दों से भटके तो राजनीतिक ताकतें उन्हें गुमराह कर सकती हैं।
