SIRD निमोरा में जिला पंचायत प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण, ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

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रायपुर। विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), निमोरा में 3 से 5 अगस्त तक राज्यस्तरीय तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेश के सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों और विभिन्न स्थायी समितियों के सभापतियों को अधिनियम के प्रावधानों, जिम्मेदारियों और क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यशाला में विकसित भारत–जीरामजी योजना के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि विजन@2047 के अनुरूप ग्रामीण भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का प्रावधान किया गया है। साथ ही योजना के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन और अनुमोदन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यशाला के दूसरे दिन सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के जिला पंचायत सदस्यों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। संयुक्त आयुक्त रामधन श्रीवास, एसआईआरडी के संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी एवं अन्य मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को अधिनियम के व्यवहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

प्रशिक्षण में वीबी-जीरामजी अधिनियम की अवधारणा, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका, विकसित ग्राम पंचायत योजना, पात्र परिवारों का पंजीयन, ग्रामीण रोजगार कार्ड, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आजीविका संवर्धन और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के अभिसरण जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार इस कार्यशाला का उद्देश्य जिला पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक ज्ञान और व्यवहारिक कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सहभागी, पारदर्शी और सतत ग्रामीण विकास को गति दे सकें।