दूसरी कक्षा के छात्रों को कलमा पढ़ाने का आरोप, विरोध के बाद शिक्षिका बर्खास्त; प्रिंसिपल पर कार्रवाई की मांग

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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्रों को धार्मिक पाठ पढ़ाने के आरोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों, स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। बढ़ते विवाद के बीच स्कूल प्रबंधन ने संबंधित शिक्षिका को सेवा से हटा दिया है, जबकि प्रदर्शनकारी प्रिंसिपल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह मामला हैदराबाद के सईदाबाद स्थित निजी स्कूल ‘सक्सेस द स्कूल’ का है। आरोप है कि एक शिक्षिका ने दूसरी कक्षा के छात्रों को कलमा पढ़ाया और उसे याद करके आने के लिए कहा। यह मामला तब सामने आया, जब एक छात्र की रिश्तेदार ने उसकी स्कूल डायरी में लिखा हुआ नोटिस देखा।

घटना की जानकारी फैलने के बाद स्कूल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावक और भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की मान्यता रद्द करने, संस्थान के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानून-व्यवस्था संभाली और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। भाजपा नेता एवं अधिवक्ता करुणा सागर भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं भाजपा नेता अंदेला श्रीरामुलु यादव ने भी स्कूल के पाठ्यक्रम और कथित घटनाक्रम पर सवाल उठाए।

विवाद बढ़ने के बाद सक्सेस ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के प्रबंधन ने संबंधित शिक्षिका की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया। प्रबंधन ने यह भी कहा कि संबंधित शिक्षिका को भविष्य में समूह के किसी भी संस्थान में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। पीड़ित छात्र की रिश्तेदार सुप्रिया गौड़ ने कहा कि उन्होंने बच्चे की डायरी में धार्मिक सामग्री लिखी हुई देखी। उनके अनुसार, स्कूलों में केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा दी जानी चाहिए और किसी भी धर्म विशेष की धार्मिक सामग्री को अनिवार्य शैक्षणिक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का वह स्वागत करती हैं। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से आगे की जांच जारी है। यह स्पष्ट नहीं है कि इस संबंध में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं।