बालोद एसिड अटैक मामले में सख्ती: अवैध रूप से तेजाब बेचने वाला दुकानदार पर केस दर्ज

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बालोद। जिले में 22 वर्षीय छात्रा पर हुए तेजाब हमले के मामले में पुलिस जांच की आंच अब दुर्ग तक पहुंच गई है। पुलिस ने हमले के लिए इस्तेमाल किया गया सल्फ्यूरिक एसिड बिना वैध दस्तावेज के बेचने वाले दुकान संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने दुर्ग स्थित एक साइंटिफिक प्रोडक्ट की दुकान से 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड 250 रुपये में खरीदा था। दुकानदार बिक्री का लाइसेंस, खरीदारों का पंजीयन रजिस्टर और पहचान पत्र से जुड़े दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।

बिना लाइसेंस तेजाब बेचने का मामला:
बालोद पुलिस की जांच के आधार पर दुर्ग के पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने 14 अक्तूबर को ऑनलाइन सीसीटीएनएस के माध्यम से मामला दर्ज किया। घटना स्थल पद्मनाभपुर क्षेत्र में आने के कारण स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने सुभाष नगर दुर्ग निवासी दुकान संचालक शोभराज यदु को बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस देकर थाने बुलाया। पूछताछ के दौरान उसने 27 सितंबर को दोनों आरोपियों को 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड बेचने की बात स्वीकार की।

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कोई दस्तावेज नहीं बता पाया:
जब पुलिस ने उससे एसिड बिक्री का वैध लाइसेंस, बिक्री रजिस्टर, खरीदारों के नाम, पते और मोबाइल नंबर से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ एसिड का विनियमन, प्रतिबंध, विक्रय एवं उपयोग अधिनियम, 2013 की धारा 15(1) के तहत अपराध पंजीकृत किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) शोभराज अग्रवाल ने बताया कि तेजाब की अवैध बिक्री पर पुलिस ने यह कार्रवाई की और मामले में आगे वैधानिक कदम उठा रही है।

प्रेम संबंध में शक के कारण रची साजिश:
बालोद पुलिस की पूछताछ में आरोपियों के मेमोरेंडम कथन से इस अवैध खरीद-बिक्री का खुलासा हुआ। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों यश कुमार सोनकर और करण कुंजाम को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी यश कुमार सोनकर को युवती के साथ प्रेम संबंध के दौरान यह शक था कि वह अन्य लड़कों से भी बातचीत करती है।

दुर्ग से खरीदा था एसिड:
इसी संदेह और नाराजगी के कारण उसने अपने साथी करण कुंजाम के साथ मिलकर युवती पर एसिड फेंकने की पूरी साजिश रची। योजना के अनुसार दोनों आरोपी 27 सितंबर को दुर्ग स्थित साइंटिफिक प्रोडक्ट दुकान पहुंचे थे और वहां से 250 रुपये देकर 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा था। इसके बाद दोनों ने इस खतरनाक रसायन का उपयोग वारदात को अंजाम देने के लिए किया।

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पढ़ाई से लौटते समय हुआ था हमला:
पीड़ित युवती एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। वह 5 अक्तूबर को रोज की तरह सुबह लगभग 9:30 बजे आमापारा स्थित पुस्तकालय में पढ़ाई करने गई थी। दोपहर करीब 12:15 बजे जब वह घर लौट रही थी, तभी सिंचाई कॉलोनी में स्थित आत्मानंद स्कूल के पास पीछे से आए एक युवक ने उसके चेहरे पर ज्वलनशील एसिड फेंक दिया।

दोनों आरोपी पहले ही गिरफ्तार:
मुख्य आरोपी यश कुमार सोनकर के निर्देश पर उसके दोस्त करण कुंजाम ने युवती पर यह एसिड फेंका था। एसिड पड़ते ही युवती का चेहरा और दोनों हाथ गंभीर रूप से झुलस गए और उसकी आंखें भी नहीं खुल पा रही थीं। घटना के तुरंत बाद परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल बालोद लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

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