मुंबई। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में अचानक भड़के भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव के कारण घरेलू शेयर बाजार सोमवार, 8 जून को भारी गिरावट के साथ खुले। ईरान द्वारा इजराइल पर किए गए मिसाइल हमले और उसके जवाब में सोमवार तड़के इजराइल द्वारा ईरान के तेहरान, तबरीज और इस्फहान जैसे शहरों में सैन्य ठिकानों पर की गई बमबारी से वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। इस युद्ध के असर से घरेलू बाजार भी अछूते नहीं रहे और शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 500 अंक (0.70%) टूटकर 73,700 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक (0.80%) की गिरावट के साथ 23,200 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। आज के सत्र में सबसे ज्यादा मार आईटी (IT), मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर पड़ी है, जहाँ निवेशक तेजी से बिकवाली कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर बात करें तो एशियाई बाजारों में आज तगड़ी गिरावट देखी जा रही है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 4.49% और जापान का निक्केई (Nikkei) 3.83% तक लुढ़क गया है, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में भी 1% से ज्यादा की कमजोरी है। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी भारी मंदी दर्ज की गई थी, जहाँ नैस्डैक 4.18% और डॉव जोन्स 1.35% गिरकर बंद हुए थे। इन कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने दबाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन युद्ध के बढ़ते दायरे को देखते हुए फिलहाल निवेशक बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं।
