नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच आज यानी सोमवार (1 जून 2026) से नई दिल्ली में चार दिवसीय उच्च-स्तरीय अंतरिम व्यापार वार्ता शुरू हो रही है। इस बैठक में अमेरिकी मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच और भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में अधिकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे। इस रणनीतिक महाडील के तहत भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग $500 अरब (करीब 47 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उसके कलपुर्जे, कोकिंग कोयला, कीमती धातुएं और तकनीकी उत्पाद खरीदने का बड़ा इरादा जाहिर किया है। इसके बदले में भारत अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों (जैसे सोयाबीन तेल, वाइन, ट्री नट्स और फल) पर लगने वाले टैरिफ को कम या खत्म करेगा।
इस समझौते का खाका इसी साल फरवरी में खींचा गया था, जिसमें अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने पर राजी हुआ था। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सभी देशों पर 10% का समान आयात शुल्क लगाने की घोषणा से वार्ता कुछ समय के लिए टल गई थी। अब बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच दोनों देश इस सौदे की शर्तों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में लगने वाले लंबे समय को देखते हुए यह एक अस्थायी ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ है, जिससे दोनों देशों को तत्काल आर्थिक और रणनीतिक लाभ मिल सके। यह डील न सिर्फ दोनों देशों के बाजार पहुंच और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक व्यापार को भी एक नई दिशा देगी।
