केरल/कोट्टायम। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने समाज को सही दिशा दिखाने और लोगों का भरोसा मजबूत करने के लिए रचनात्मक पत्रकारिता को बेहद जरूरी बताया है। मलयालम दैनिक ‘दीपिका’ की 140वीं वर्षगांठ के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपराष्ट्रपति ने मीडिया से सकारात्मक खबरों को पर्याप्त जगह देने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के भटकने पर चिंता जताते हुए एक अनूठा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर देश में हो रहे अच्छे और सकारात्मक कामों की सही रिपोर्टिंग नहीं की गई, तो देश के युवा अपना सही रास्ता खो देंगे और सोशल मीडिया पर चर्चित व्यंग्य प्लेटफॉर्म ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसी चीजों का अनुसरण (फॉलो) करने लगेंगे।
उपराष्ट्रपति का इशारा बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर रातों-रात सनसनी बनने वाले उस कंटेंट की तरफ था, जो युवाओं का ध्यान भटका रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वाकई कोई चीज एक ही दिन में इतना ध्यान आकर्षित करने के लायक होती है? ऐसी चीजें लंबे समय तक नहीं टिक सकतीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और हमारा लक्ष्य साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इस बड़े लक्ष्य को समाज के हर वर्ग के सकारात्मक योगदान के बिना हासिल नहीं किया जा सकता और इसमें मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। उपराष्ट्रपति ने समाज के हर कोने तक नेक विचार और सकारात्मक संदेश पहुंचाने की वकालत की ताकि युवाओं को सही जानकारी और सही दिशा मिल सके।
