बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही समाप्त करने की मांग की गई थी। जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने 17 सितंबर को यह फैसला सुनाया। विजय बघेल ने 2024 के दुर्ग लोकसभा चुनाव को लेकर भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं और आदर्श आचार संहिता से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इस याचिका को खारिज कराने के लिए भूपेश बघेल की ओर से सीपीसी के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन लगाया गया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आवेदन पर फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने भूपेश बघेल की अर्जी नामंजूर कर दी है। इससे विजय बघेल की चुनाव याचिका पर आगे साक्ष्य दर्ज करने और सुनवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे पहले भी भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खत्म कराने की कोशिश की गई थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन 7 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी एसएलपी भी खारिज कर दी थी।
इसके बाद 9 सितंबर को भूपेश बघेल की ओर से फिर आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन पेश किया गया था। इसके चलते 10 सितंबर को विजय बघेल के साक्ष्य दर्ज नहीं हो सके थे। विजय बघेल ने उसी दिन आवेदन का जवाब दाखिल किया था। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब मामले की आगे की सुनवाई और साक्ष्य की प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश से चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
