रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार और कांग्रेस पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में कोयला, शराब और सट्टे से जुड़े कथित घोटालों के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित हुई। पांडेय ने आरोप लगाया कि अवैध वसूली के पैसों से कांग्रेस का प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन बनाया गया है। उन्होंने भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने और प्रदेश में कांग्रेस के कार्यालयों को राजसात करने की मांग की। शराब घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित मामले में 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों या कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान पेश किया गया है। उन्होंने इस मामले में कई लोगों और कंपनियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि शराब की आपूर्ति पर कमीशन लेने, बिना आबकारी शुल्क चुकाए शराब तैयार करने और सरकारी दुकानों के माध्यम से उसकी बिक्री जैसे तरीके अपनाए गए।
संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि कथित अवैध कमाई को हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए अलग-अलग शहरों और दुबई तक भेजा गया तथा बाद में बैंक लेनदेन के माध्यम से उसे निवेश के रूप में दिखाकर जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। उन्होंने कोरोना लॉकडाउन के दौरान रायपुर के सिलतरा स्थित एनवी डिस्टिलरी में शराब के कथित अवैध उत्पादन और बिक्री से जुड़े साक्ष्यों का भी उल्लेख किया। भाजपा नेता ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से संबंधित नेताओं को राजनीतिक जिम्मेदारियों से हटाने तथा छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी गंभीर आरोप लगाए और कांग्रेस की राजनीतिक मान्यता रद्द करने की मांग की। ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं; मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और न्यायिक निष्कर्ष अलग विषय हैं।
