केरल में बाढ़-भूस्खलन से 8 मौतें, कर्नाटक में एक ही परिवार के 3 लोगों की जान गई; जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, IMD ने 7 अगस्त तक अलर्ट जारी किया।
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। केरल, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से हालात गंभीर बने हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
केरल में मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं। अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 अन्य लोग लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। राज्य सरकार ने 209 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वहीं कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और तीन वर्षीय बेटे संतोष के रूप में हुई है। हादसे के समय तीनों अपने घर में सो रहे थे।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से कई मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। दो कारें भी बह गईं और सड़कों पर मलबा भर गया। एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
उत्तराखंड में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भूस्खलन हुआ, जबकि चमोली के गौचर के पास बद्रीनाथ हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने इस मार्ग पर यातायात वन-वे कर दिया है।
इधर, तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में सूखे और जल संकट के बीच मुस्लिम समुदाय के करीब 2,000 लोगों ने बारिश की कामना करते हुए ‘सलात अल-इस्तिस्का’ की विशेष नमाज अदा की। राज्य के कई जिलों में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे जल संकट और गहरा गया है।
