दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, कहा – ‘प्रगति के नए द्वार खोलेगा यह इकोनॉमिक कॉरिडोर’।

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को उत्तराखंड के विकास, कनेक्टिविटी, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तीकरण के मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर केवल सड़क नहीं है, बल्कि यह नए व्यापार, उद्योग, गोदाम और फैक्ट्रियों के लिए रास्ता खोलता है। इस कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होगा और लोगों के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में वैसाखी, बोहाग बिहू और पुथंडु के त्योहारों की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद उन्होंने कहा था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, और यह अब सच होता दिख रहा है। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” की नीतियों और राज्य के लोगों की मेहनत से उत्तराखंड के तेजी से विकास की प्रशंसा की। एक्सप्रेसवे परियोजना राज्य के विकास और कनेक्टिविटी को नई गति देगी। उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इस समय एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने अंबेडकर जयंती का जिक्र करते हुए बी.आर. अंबेडकर को नमन किया और कहा कि उनका जीवन गरीबों और वंचितों के अधिकार दिलाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद देश में संविधान पूरी तरह लागू हो गया है और माओवाद व नक्सलवाद प्रभावित जिलों में भी संविधान की भावना के अनुसार कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री ने सामाजिक न्याय और संतुलित विकास पर जोर देते हुए बताया कि सरकार हर गरीब और वंचित तक सुविधाएं पहुंचाने में लगी है। महिला सशक्तीकरण पर चर्चा करते हुए उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह कानून लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है और इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करें और महिलाओं के हक सुनिश्चित करने में सहयोग करें।