‘मिस यू ममता दीदी…’: टीएमसी छोड़ने पर भावुक हुईं बागी सांसद शताब्दी रॉय, खोल दिए बगावत के सारे राज

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है और संसद में अलग बैठने व NDA को समर्थन देने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंप दिया है। इस बगावती लिस्ट में शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान और सायोनी घोष जैसी दिग्गज हस्तियों के साथ ममता बनर्जी की बेहद करीबी रहीं टॉलीवुड एक्ट्रेस शताब्दी रॉय का नाम भी शामिल है।

पार्टी छोड़ते वक्त शताब्दी रॉय बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “दीदी, हम आपको बहुत याद करेंगे। मुझे लगता है कि राजनीतिक तौर पर मेरा फैसला बिल्कुल सही है, लेकिन भावनात्मक और नैतिक रूप से मैं खुद को गलत मानती हूँ।” शताब्दी ने बगावत की इनसाइड स्टोरी बयां करते हुए बताया कि चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी वास्तविकता स्वीकार करने को तैयार नहीं थीं। समीक्षा बैठक में किसी को अपनी राय रखने की आजादी नहीं थी। जब दीदी ने शिकायतों को लिखने की बात कही, तो हमने कहा कि हमारे पास लिखने का समय नहीं है, आपको तुरंत कड़े फैसले लेने होंगे।

शताब्दी के मुताबिक, पार्टी अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही थी, जबकि असली वजह भ्रष्टाचार, आई-पैक (I-PAC) और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली थी। जब दीदी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो हमें लगा कि पार्टी में कोई बदलाव नहीं होने वाला। इस बगावत के बाद टीएमसी के सांसदों ने काकोली घोष को अपना चीफ व्हिप चुन लिया है। लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी बगावत जारी है, जहाँ सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव जैसी बड़ी नेता इस्तीफा दे चुकी हैं, जिससे ममता बनर्जी का किला पूरी तरह दरक चुका है।