संविधान संशोधन एवं जम्मू-कश्मीर से जुड़े विधेयकों पर संयुक्त समिति की बैठक

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नई दिल्ली/रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा संघ राज्य क्षेत्रों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में सहभागिता की। बैठक में समिति अध्यक्ष अपराजिता सारंगी समेत सदस्यगणों के समक्ष आंध्र प्रदेश सरकार, फ़ाउंडेशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, हैदराबाद तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने विचार, सुझाव एवं पक्ष प्रस्तुत किए। समिति के सदस्यों ने सभी पक्षों के सुझावों को गंभीरता से सुना और प्रस्तावित विधेयकों के संवैधानिक, प्रशासनिक एवं लोकतांत्रिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि संसद की समितियाँ लोकतंत्र की सुदृढ़ आधारशिला हैं। विभिन्न हितधारकों, विशेषज्ञों और संगठनों के विचारों को सुनकर कानून निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापक विमर्श और सभी पक्षों की भागीदारी से तैयार होने वाले कानून देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करते हैं। श्री अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की सार्थक एवं रचनात्मक चर्चाएँ देशहित में बेहतर नीति निर्माण तथा प्रभावी एवं समावेशी विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। संयुक्त समिति द्वारा प्राप्त सुझावों का समुचित परीक्षण कर विधेयकों को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।