एसएसबी के नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण युवकों को दिया कृषि एवं पशुपालन का प्रशिक्षण
कांकेर। 33वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल केंवटी द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर में 5 से 9 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण में ग्राम कोलर, कुम्हारी, कोहकाटोला, सरंगीपाल, डेंगरू, फुलपाड़, टेमरूगांव, भैंसगांव एवं बर्चे के ग्रामीण युवकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में 33वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट प्रियव्रत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को आधुनिक तकनीक अपनाकर व्यावसायिक खेती करने तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आजीविका का बेहतर माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव तथा भविष्य में अपनाई जाने वाली कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कृषि उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, मुर्गीपालन, बकरीपालन, पशुपालन, उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, ग्राफ्टेड पौधों के उत्पादन तथा कृषि यंत्रीकरण की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों में प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को समझने और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने का अवसर मिला।
इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं नाबार्ड विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के समापन पर सशस्त्र सीमा बल की ओर से सभी प्रशिक्षणार्थियों को कृषि आदान वितरित किए गए, ताकि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने गांवों में अपनाकर कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
समापन समारोह में सशस्त्र सीमा बल के डिप्टी कमांडेंट डॉ. पंकज तेवतिया, पशुपालन विभाग के डॉ. एस.आर. चंद्राकर एवं डॉ. धर्मेंद्र कुर्रे, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीरबल साहू तथा वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र हरिदास तायडे, डॉ. डी. सूर्यम दोरा, डॉ. चंदू लाल ठाकुर, डॉ. कोमल सिंह केराम, डॉ. उपेंद्र नाग एवं डॉ. गरिमा दीवान उपस्थित रहे।
