रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग: वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल डील फाइनल, इंडोनेशिया भी कतार में

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नई दिल्ली। कभी सैन्य जरूरतों के लिए पूरी तरह विदेशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज दुनिया के लिए एक बड़ा रक्षा निर्यातक बनकर उभरा है। भारत अपनी घातक और अत्याधुनिक ‘ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ अब वियतनाम और इंडोनेशिया को बेचने जा रहा है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वियतनाम के साथ इस ऐतिहासिक रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और अब सिर्फ इसके औपचारिक ऐलान की औपचारिकता बाकी है। वियतनाम के साथ हुआ यह रक्षा सौदा करीब 60 अरब रुपये का है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के सामरिक और रणनीतिक दबदबे को कई गुना बढ़ा देगा। फिलीपींस के बाद वियतनाम भारत से यह सिस्टम खरीदने वाला दूसरा बड़ा देश बन गया है।

रक्षा सचिव के मुताबिक, इंडोनेशिया के साथ भी ब्रह्मोस मिसाइल की डील अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिस पर मार्च 2026 में इंडोनेशिया पहले ही अपनी सहमति जता चुका है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइलों में से एक है, जो पलक झपकते ही दुश्मन के बंकरों, जहाजों और ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है। भारत सरकार ने साफ किया है कि वह अपने इन मित्र देशों के साथ इस अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक को साझा करने में पूरी तरह सहज है। कई अन्य वैश्विक देश भी अब भारत के स्वदेशी हथियारों को खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे वैश्विक पटल पर भारत की सैन्य साख लगातार मजबूत हो रही है।