दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर बच्चों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले इंस्टाग्राम विज्ञापनों के मामले में मेटा को तलब किया जाए। सरकार इस पूरे मामले में कंपनी से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभी सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि इंस्टाग्राम के विज्ञापन सिस्टम का इस्तेमाल कथित तौर पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्स्यूज़ मटेरियल से जुड़े अकाउंट्स और वेबसाइट्स को प्रमोट करने के लिए किया गया। अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस मामले में मेटा से स्पष्टीकरण मांगेगा।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को मेटा को तलब करने और पूरे मामले पर विस्तृत जवाब मांगने के निर्देश दिए हैं। सरकार यह जानना चाहती है कि ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचे और उन्हें रोकने के लिए मेटा ने क्या सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी।
