* कांग्रेस शासन में मिली ‘हाफ बिजली बिल’ की राहत को भाजपा ने छीना।
* ऊर्जा उत्पादक राज्य छत्तीसगढ़ में महंगी बिजली का दंश झेल रहे उपभोक्ता, मध्यम वर्ग और किसान।
दुर्ग/ वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अरुण वोरा ने छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जनता पहले से ही कमरतोड़ महंगाई से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ बिजली के बढ़ते बिलों ने आम उपभोक्ताओं, मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और किसानों पर दोहरी मार दी है। वोरा ने कांग्रेस और भाजपा सरकार के कार्यकालों की तुलना करते हुए कहा “पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जनता को बड़ी राहत देते हुए ‘हाफ बिजली बिल’ जैसी जनहितकारी योजना लागू की गई थी, जिससे प्रदेश के लाखों परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता मिली। इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार लगातार बिजली दरें बढ़ाकर जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।”
आंकड़ों का हवाला देते हुए वोरा ने घेरा:
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 में बिजली दरों में औसतन 8.35% की भारी वृद्धि की गई, और अब वर्ष 2025-26 में पुनः दरों को बढ़ा दिया गया है। यह साफ दर्शाता है कि भाजपा सरकार का रवैया जन-कल्याणकारी न होकर केवल राजस्व वसूली तक सीमित है।
छत्तीसगढ़ का हक सस्ती बिजली:
अरुण वोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक प्रमुख ऊर्जा उत्पादक राज्य (Power Surplus State) है। ऐसे में यहां के नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलनी चाहिए। लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण आज जनता को अपनी ही बिजली के लिए अत्यधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और सरकार के इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ सड़क से सदन तक अपना विरोध जारी रखेगी।
