नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) और पोंजी स्कीम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ड्रीम मेकर्स ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (DMGPL) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने तमिलनाडु और केरल में कंपनी और उससे जुड़े लोगों के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जांच एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई तमिलनाडु पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि कंपनी ने सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट और विभिन्न निवेश पैकेजों के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए। निवेशकों को हर दिन आकर्षक रिटर्न और 150 दिनों में रकम दोगुनी करने का दावा किया गया था।
ईडी का आरोप है कि कंपनी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एस. सतीश कुमार (दिवंगत), निदेशक गुनावथी और मैनेजर मुगुंथन नायर ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान कर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में रिटर्न बंद कर दिया गया, जिससे हजारों लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच में यह भी सामने आया कि मुगुंथन नायर प्रचार कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर कंपनी से जोड़ता था। ईडी ने आरोपियों और उनके सहयोगियों के बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय निवेशों की भी पहचान की है, जिनमें से कई खातों को पहले ही अन्य एजेंसियां फ्रीज कर चुकी हैं।
छापेमारी के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डायरी, डिजिटल रिकॉर्ड और कथित तौर पर घोटाले की रकम से खरीदी गई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी अब जब्त किए गए रिकॉर्ड के आधार पर मनी ट्रेल और अवैध संपत्तियों की जांच आगे बढ़ा रही है।
