बलौदाबाजार। सोनबरसा वन विहार केंद्र, बलौदाबाजार में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 हेतु शाखाकर्तन, संग्रहण एवं भंडारण संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में तेन्दूपत्ता संग्रहण की गुणवत्ता में सुधार, निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप कार्यों का सुचारू संचालन तथा संग्रहण से लेकर परिवहन एवं गोदामीकरण तक की संपूर्ण प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी प्रदान किया गया।
कार्यशाला में शाखाकर्तन की वैज्ञानिक विधि, उसके दीर्घकालिक लाभ, गुणवत्ता नियंत्रण के मानक तथा गड्डी बंधाई की निर्धारित प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वैज्ञानिक पद्धति से शाखाकर्तन करने पर लगभग 40 – 50 दिनों के भीतर बेहतर गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त होते हैं, जिससे संग्रहण लक्ष्य की पूर्ति के साथ-साथ ग्रामीण हितग्राहियों की आय में भी वृद्धि सुनिश्चित होती है।इसके अतिरिक्त फड़ स्तर पर संग्रहण, पत्तों का उपचार, बोरा भराई, सिलाई, परिवहन पास की प्रक्रिया तथा गोदामीकरण की समुचित व्यवस्था के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान फड़ मुंशी एवं फड़ अभिरक्षक की भूमिका, प्राथमिक वन उपज सहकारी समिति प्रबंधक के दायित्व, भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि संग्रहण, भंडारण एवं परिवहन की प्रत्येक प्रक्रिया नियमानुसार एवं समुचित अभिलेखीय संधारण के साथ पूर्ण करना अनिवार्य है।
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने निर्देशित किया कि शाखाकर्तन एवं संग्रहण कार्य गुणवत्ता के साथ संपन्न किया जाए ताकि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के साथ-साथ हितग्राहियों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर समन्वय एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया जिससे वर्ष 2026 का तेन्दूपत्ता संग्रहण सत्र सफल रूप से संपन्न हो सके।
