छत्तीसगढ़ के रायपुर ग्रामीण पुलिस ने बिहार के जहानाबाद जिले के एक गंभीर आपराधिक मामले में फरार चल रहे और 25,000 रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस और जहानाबाद (बिहार) पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, थाना महिला थाना, जिला जहानाबाद (बिहार) में अपराध क्रमांक 35/2019 के तहत आरोपी अजय यादव के खिलाफ धारा 457, 341, 323, 307, 379, 504, 376(डी), 427, 34 भादवि तथा
आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत गंभीर मामला दर्ज है। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था और लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस महानिरीक्षक मगध क्षेत्र, गया द्वारा 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
लंबे समय से उसकी तलाश विभिन्न राज्यों में की जा रही थी। तकनीकी विश्लेषण और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी रायपुर जिले में छिपा हुआ है। सूचना मिलने के बाद जहानाबाद पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची और थाना धरसीवां क्षेत्र की पुलिस चौकी सिलतरा से संपर्क कर सहयोग मांगा। इसके बाद चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें रायपुर ग्रामीण पुलिस और जहानाबाद पुलिस शामिल रही। टीम ने सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी और पतासाजी की। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आरोपी सिलतरा क्षेत्र स्थित एक निजी स्टील कंपनी में अपनी पहचान छिपाकर काम कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उसे कंपनी परिसर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की गई और उसके दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जहानाबाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। बाद में बिहार पुलिस आरोपी को आगे की न्यायिक कार्रवाई के लिए जहानाबाद लेकर रवाना हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। समय पर सूचना साझा करने और तकनीकी विश्लेषण के कारण लंबे समय से फरार इनामी अपराधी को पकड़ना संभव हो सका। सिलतरा क्षेत्र को रायपुर का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां और स्टील कंपनियां संचालित हैं। यहां देशभर से आए मजदूर और कर्मचारी काम करते हैं।
पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में कई बार बाहरी राज्यों के आरोपी पहचान छिपाकर काम करने लगते हैं, जिससे जांच में कठिनाई होती है। इस घटना के बाद पुलिस ने औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के अनिवार्य पुलिस सत्यापन पर एक बार फिर जोर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि यदि समय पर सत्यापन किया जाए तो इस तरह के आपराधिक तत्वों की पहचान आसानी से की जा सकती है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित स्टील कंपनी द्वारा कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया गया था, जिसके कारण आरोपी लंबे समय तक छिपकर वहां काम करता रहा। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की तैयारी है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संस्थानों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। भविष्य में यदि किसी कंपनी द्वारा पुलिस सत्यापन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में रायपुर ग्रामीण पुलिस और जहानाबाद पुलिस की कई टीमों ने संयुक्त रूप से भूमिका निभाई। अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई और अंतरराज्यीय पुलिस सहयोग का परिणाम है।
