काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों में स्थानीय नागरिकों के साथ सुरक्षाकर्मी और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, चीन सीमा से लगे रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। ल्हेंदे नदी के प्रवाह में अचानक बढ़ोतरी के बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बहा और कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों को इस घटना का पहले से अनुमान नहीं था, जिसके कारण उन्हें संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
बाढ़ के कारण कई मकान, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग टूटने से राहत और बचाव अभियान प्रभावित हुआ है। आपदा के बाद समय पर चेतावनी नहीं मिलने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नेपाल के अधिकारियों का कहना है कि अगर सीमा पार से जलस्तर बढ़ने की जानकारी पहले मिल जाती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। विशेषज्ञों ने दोनों देशों के बीच आपदा संबंधी सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत बताई है।
नेपाल और चीन के अधिकारियों के बीच आपदा के बाद बातचीत भी हुई है। चीन की ओर से पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में नेपाल को जल्द सूचना देने पर सहमति जताई गई है। फिलहाल राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
