अंधे की कत्ल गुत्थी मामले में आरोपी को मिली उम्रकैद की सजा

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र में हुए चर्चित अंधे कत्ल के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। हत्या के आरोपी यशराज भानु उर्फ छोटा को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की सटीक विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों और नए कानूनों के प्रावधानों के सही इस्तेमाल के चलते आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली। मामला चौकी बेलगहना, थाना कोटा जिला बिलासपुर का है। इस प्रकरण में अपराध क्रमांक 769/2025 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने हत्या की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया था।

पुलिस के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2025 की है। पहाड़बछाली निवासी गंगा बाई गंधर्व, जो गांव की कोटवार हैं, ने बेलगहना चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच छेदीलाल यादव की बृहस्पति बाई के घर में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। विवेचना के दौरान पुलिस को यशराज भानु उर्फ छोटा पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार टांगिया को पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में जब्त किया।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी यशराज भानु उर्फ छोटा पिता संतराम भानु उम्र 20 वर्ष निवासी पहाड़बछाली चौकी बेलगहना थाना कोटा जिला बिलासपुर को 5 अगस्त 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। पुलिस ने मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में चालान पेश किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कई गवाह बाद में होस्टाइल हो गए थे, लेकिन पुलिस द्वारा जुटाए गए मेमोरंडम, जब्ती और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में अपराध साबित हुआ। ई-साक्ष्य के तहत घटनास्थल की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई गई थी, जिसने विवेचना को मजबूत आधार दिया।

तत्कालीन बेलगहना चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राज सिंह की उत्कृष्ट विवेचना और नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के प्रभावी पालन को इस सफलता का प्रमुख कारण बताया गया है। पुलिस की वैज्ञानिक और सटीक जांच के कारण पीड़ित परिवार को न्याय मिल सका। न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस विभाग ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाकर प्रभावी कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जांच और कानूनी प्रक्रिया के सही उपयोग से गंभीर अपराधों में भी दोषियों को सजा दिलाई जा सकती है। इस मामले में मिली सजा से पुलिस ने यह संदेश दिया है कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की जांच प्रक्रिया और न्यायालय के फैसले से पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।