बिलासपुर। शहर में पुरानी रंजिश के चलते युवकों के दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। चाकू से हुए हमले में कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के बेटे आदित्य श्रीवास सहित उसके चार दोस्त घायल हो गए। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित लखीराम ऑडिटोरियम के पास की बताई जा रही है, जहां देर शाम अचानक मारपीट और चाकूबाजी से अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोनी निवासी आदित्य श्रीवास अपने दोस्तों के साथ लखीराम ऑडिटोरियम के पास भेल खाने पहुंचा था। उसी स्थान पर पहले से युग मिश्रा, वेदांत गुप्ता, निखिल नागवानी और उनका एक अन्य साथी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आदित्य और उसके दोस्तों को देखते ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले गाली-गलौज हुई, जिसके बाद विवाद तेजी से बढ़ता चला गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान दूसरे पक्ष के एक युवक ने अचानक चाकू निकाल लिया और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में आदित्य श्रीवास गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसका शर्ट खून से लाल हो गया। आदित्य के साथ मौजूद उसके दोस्तों को भी चाकू लगने से चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल किम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आदित्य श्रीवास और युग मिश्रा तथा वेदांत गुप्ता के गुट के बीच पहले भी विवाद हो चुका है। जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले कोनी क्षेत्र में और बाद में राजेंद्रनगर चौक पर भी झड़प हुई थी। हालांकि उन घटनाओं में मामला गाली-गलौज और सामान्य मारपीट तक सीमित रहा, लेकिन इस बार विवाद हिंसक रूप ले बैठा। सिविल लाइन थाना पुलिस ने हमलावर युवकों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता जताई है और पुलिस से सख्त निगरानी की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
