नई दिल्ली। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी से इस्तीफा देने वाले तीन विधायक सोमवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। तीनों विधायकों ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने वालों में अमृतसर उत्तर से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा शामिल हैं। तीनों ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दिया, जबकि हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा ने रविवार को ही पार्टी छोडऩे की घोषणा कर दी थी। इसके बाद सोमवार को तीनों विधायक एक साथ भाजपा मुख्यालय पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता स्वीकार कर ली।
तीनों विधायकों ने आम आदमी पार्टी छोडऩे के पीछे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की कार्यप्रणाली से नाराजगी को प्रमुख कारण बताया है। उनका आरोप है कि पंजाब में सरकार और पार्टी के कामकाज को लेकर कई गंभीर समस्याएं हैं।
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पार्टी छोडऩे के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब नशे और भ्रष्टाचार में डूब गया है। गौरतलब है कि जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। अब उन्होंने विधायक पद और पार्टी की सदस्यता छोडऩे का फैसला किया है।
हरमीत सिंह पठानमाजरा पिछले कुछ समय से पंजाब सरकार के कामकाज पर खुलकर सवाल उठा रहे थे। वह कई मौकों पर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली की आलोचना कर चुके थे। इस बीच एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोपों में मामला भी दर्ज किया गया था।
पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसके बाद पार्टी के कई मौजूदा विधायकों के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। तीन विधायकों के इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने की घटना को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 117 सीटों में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी और राज्य में सरकार बनाई थी। अब तीन विधायकों के पार्टी छोडऩे से आगामी चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।
