सुकमा के 102 स्थानों पर गूंजी भारत माता की जय, 20 हजार लोगों ने देखी राष्ट्रीय एकता परेड

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० नक्सल प्रभावित पुवर्ती, गोगुंडा, गोलापल्ली और किस्टाराम में भी जवानों के साथ ग्रामीणों ने देखा सीधा प्रसारण, शारदा सिनेमा में कलेक्टर, डीआईजी और एसपी हुए शामिल

सुकमा । कभी नक्सल गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले सुकमा जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस पर राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकजुटता की तस्वीर देखने को मिली। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता परेड-2026 का जिले के 102 स्थानों पर सीधा प्रसारण किया गया। इस दौरान करीब 18 से 20 हजार जवानों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने एक साथ बैठकर परेड देखी। खास बात यह रही कि पुवर्ती, गोगुंडा, गोलापल्ली और किस्टाराम जैसे संवेदनशील अंदरूनी इलाकों में भी ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों के जवानों के साथ कार्यक्रम में भागीदारी की। परेड के दौरान कई स्थानों पर भारत माता की जय के नारे गूंजते रहे।

पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देश पर जिलेभर में लाइव प्रसारण के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सभी थानों, सुरक्षा कैंपों, पोटाकेबिन और छात्रावासों में बड़ी स्क्रीन, टीवी और प्रोजेक्टर लगाए गए। शाम 5:30 बजे से शुरू हुए प्रसारण के लिए कुल 102 केंद्र निर्धारित किए गए थे। यहां जवानों के साथ ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

० शारदा सिनेमा में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
जिला मुख्यालय स्थित शारदा सिनेमा में परेड के सीधे प्रसारण के लिए विशेष आयोजन किया गया। यहां कलेक्टर अमित कुमार, सीआरपीएफ के डीआईजी आनंद राज पुरोहित और एसपी मयंक गुर्जर सहित प्रशासन एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि दीपिका शोरी, धनीराम बरसे, पत्रकारों और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भी सामूहिक रूप से परेड देखी।

० अंदरूनी इलाकों में जवानों के साथ बैठे ग्रामीण
इस आयोजन का विशेष आकर्षण जिले के दूरस्थ और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इलाके बने। पुवर्ती, गोगुंडा, गोलापल्ली और किस्टाराम के सुरक्षा कैंपों में ग्रामीणों ने जवानों के साथ बैठकर परेड का सीधा प्रसारण देखा। एक ही स्थान पर जवानों और ग्रामीणों की मौजूदगी ने आपसी विश्वास, सहयोग और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

० 102 केंद्रों पर की गईं व्यवस्थाएं
पुलिस प्रशासन की ओर से सभी 102 केंद्रों पर बैठने, छाया और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। पोटाकेबिन और छात्रावासों के विद्यार्थियों को भी आयोजन से जोड़ा गया। राष्ट्रीय एकता दिवस के इस कार्यक्रम के माध्यम से देश की विविधता, एकता और अखंडता का संदेश दिया गया। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ सुरक्षा कैंपों तक हुई इस सामूहिक भागीदारी को पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय तथा आपसी विश्वास बढ़ाने की पहल के रूप में देखा गया। सुकमा पुलिस ने आयोजन में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति आभार जताया।