आज़म ख़ान की गिरफ़्तारी पर वकील नासिर सुल्तान का आरोप: बोले—बिना आधार बताए जेल के गेट से उठाया

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नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म ख़ान की रामपुर जिला जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई गिरफ़्तारी को उनके वकील नासिर सुल्तान ने पूरी तरह गैर-कानूनी और सरकार का ‘तानाशाहीपूर्ण रवैया’ करार दिया है। शनिवार रात मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी इतिहास में इस तरह की कार्रवाई पहले कभी देखने को नहीं मिली, जहाँ रिहाई मिलते ही बिना कोई कारण या आधार बताए किसी को हिरासत में ले लिया जाए। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में राहत मिलने के बाद आज़म ख़ान रामपुर जेल से बाहर आए थे, लेकिन जेल गेट पर ही पहले से मौजूद ईडी की टीम ने उन्हें जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोबारा गिरफ़्तार कर लिया।

‘न कारण बताया, न जगह बताई—सीधे उठा लिया’: वकील नासिर सुल्तान
आज़म ख़ान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा:
हिरासत का आधार स्पष्ट नहीं: जिस तरह से मोहम्मद आज़म ख़ान को जेल से निकलते ही उठाया गया, अधिकारियों ने उसका कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बताया। उन्हें कहाँ ले जाया जा रहा है और कौन सी टीम लेकर जा रही है, इस बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
कानून व्यवस्था पर सवाल: उन्होंने कहा कि तीन दिनों की भारी कानूनी जद्दोजहद और अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी थी, लेकिन जेल की दहलीज पार करते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस तरह का आचरण कानूनी व्यवस्था के बजाय मनमानी को दर्शाता है।

‘2027 के विधानसभा चुनाव का डर, आवाज़ दबाने की कोशिश’
वकील नासिर सुल्तान ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया:
चुनावी नुकसान का खौफ: उन्होंने सवाल उठाया कि आख़िर आज़म ख़ान से किसे ख़तरा है? उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है और सत्ताधारी दल को यह डर सता रहा है कि आज़म ख़ान के बाहर रहने से उन्हें बड़ा राजनीतिक नुकसान होगा।
सेक्युलर पहचान को निशाना बनाने का आरोप: उन्होंने कहा कि आज़म ख़ान देश के बड़े धर्मनिरपेक्ष नेताओं में से एक हैं और उनकी आवाज़ पूरे देश में असर रखती है। सरकार किसी भी कीमत पर नहीं चाहती कि वे जेल से बाहर रहकर जनता के बीच जाएं।

जौहर यूनिवर्सिटी मामले में हुई है कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 14 अक्टूबर 2026 को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी फंड के दुरुपयोग और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मामले में आज़म ख़ान को नामज़द किया था। शनिवार को हुई यह गिरफ़्तारी इसी केस की जांच के सिलसिले में की गई है।