सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई, सात दिन में आरोप पत्र पेश करने के निर्देश
बिलासपुर। शासकीय राजस्व कार्य के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में बिलासपुर जिला प्रशासन ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कराई गई जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पहले पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे। वर्तमान में वे तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में कार्यरत थे। रिश्वत से जुड़े वायरल वीडियो के संबंध में तहसीलदार पचपेड़ी ने जांच कर 28 अक्टूबर को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।
गंभीर कदाचरण मानकर हुई कार्रवाई
जिला प्रशासन के आदेश में पटवारी के कथित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। आदेश के अनुसार, इस तरह के आचरण से शासन की छवि प्रभावित होती है। इसी आधार पर पटवारी को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
कोटा एसडीएम कार्यालय में रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा का कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब आगे की विभागीय प्रक्रिया में मामले से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई की जाएगी।
