नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। यह आरोपपत्र दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में पेश किया गया। इस कार्रवाई के साथ सूर्यवंशी इस मामले में आरोपपत्र का सामना करने वाले 14वें आरोपी बन गए हैं। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि, आरोपपत्र दाखिल होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
अगली सुनवाई कब होगी?:
इस मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर 2026 को विशेष सीबीआई अदालत में निर्धारित की गई है। अदालत ने निर्देश दिया है कि आरोपपत्र की एक प्रति आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को उपलब्ध कराई जाए। यह प्रक्रिया आरोपी को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और मामले से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी देने के लिए महत्वपूर्ण है। सुनवाई के दौरान अदालत मामले की आगे की कार्यवाही पर विचार करेगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अगली सुनवाई की तारीख 22 अक्टूबर तय है। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह अदालत की कार्यवाही और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
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अभ्यर्थियों से पैसे लेने का क्या आरोप है?:
सीबीआई के मुताबिक, सूर्यवंशी ने कथित तौर पर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से प्रश्न उपलब्ध कराने के बदले पैसे लिए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि वह अभ्यर्थियों को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक मकान में लेकर गया था, जहां उन्हें नीट यूजी 2026 के कथित लीक प्रश्न दिए गए। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि सूर्यवंशी ने बाद में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने पास रखे थे। सीबीआई इन गतिविधियों को शुभम खैरनार के साथ कथित आपराधिक साजिश का हिस्सा मान रही है। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
मुख्य आरोपपत्र में किन लोगों के नाम हैं?:
सीबीआई पहले ही 13 आरोपियों के खिलाफ मुख्य आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवालदार, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मंगलिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के नाम शामिल हैं। अब शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इस तरह मामले में मुख्य आरोपपत्र के बाद एक और आरोपी के संबंध में जांच एजेंसी ने अदालत के सामने अपनी कार्रवाई रखी है। आरोपपत्र में नाम होने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है।
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अब मामले में आगे क्या होगा?:
राउज एवेन्यू अदालत में 22 अक्टूबर को पूरक आरोपपत्र पर दलीलें सुनी जाएंगी। सीबीआई ने अदालत को बताया था कि गिरफ्तार आरोपी और उसके करीबी सहयोगियों के खिलाफ आगे की जांच महत्वपूर्ण चरण में है। एजेंसी सूर्यवंशी और पहले से आरोपपत्र का सामना कर रहे शुभम मधुकर खैरनार के कथित संबंधों की भी जांच कर रही है। अगली सुनवाई में अदालत के सामने रखे गए आरोपों और दस्तावेजों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल, सीबीआई का आरोप है कि परीक्षा से पहले कथित प्रश्न अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए और इसके बदले धन लिया गया। इस मामले में आरोपों की सच्चाई का निर्धारण अदालत करेगी।
